Saturday, 28 December 2019

मैं तो तुम्हारी तरफ़ खींची जा रही हूं , एक दो कदम तुम भी चल लिया करो न
बातें शुरू तो हमेशा मैं ही करती हूं , एक बार हाल चाल तुम भी पूछ लिया करो न

मिलने के लिए तुम्हारी हां का इंतज़ार मैं ही क्यों करूं ? तुम भी आके मुझसे मिल लिया करो न
तुम्हे प्यार करने वाले बहुत होंगे दुनिया में,  फिर भी इस मोहब्बत की थोड़ी कदर कर लो न

मैं  जानती हूं इस प्यार का कोई अंजाम नहीं
तो क्या हो गया?  ऐसा तो नहीं  कि ये मोहब्बत नहीं?
एकतरफा है , आसान नहीं है
मेरे नहीं हो तो क्या हुआ , मेरे लिए थोड़ा आसान बना दिया करो न

बेमतलब है मेरा इश्क़ पर बेहद है,
कोई शर्त नहीं है बस छोटी सी उम्मीद है
तुम तो मेरे दिल में हो ही , अपनी यादों में थोड़ी जगह मुझे दे दिया करो न

तुम्हे हासिल तो कर नहीं सकती और न ही कोशिश है
तुम ज़िन्दगी में हो बस इसी बात से दिल खुश है
इस खुशी को महसूस करने के लिए अपने कुछ पल मुझे दे दिया करो न

मेरी तो यही दुआ है कि तुम्हे प्यार के बदले हमेशा प्यार मिले
तुम्हारी मुस्कराहट पल में मेरे चेहरे तक पहुंच जाती है
मुझे मुस्कराने का बहाना भी दे दिया करो न





मैं तो तुम्हारी तरफ़ खींची जा रही हूं , एक दो कदम तुम भी चल लिया करो न बातें शुरू तो हमेशा मैं ही करती हूं , एक बार हाल चाल तुम भी पूछ लिय...