Tuesday, 2 July 2019

तू जो है

खोई रहती हूं दिनभर खयालों में
उन यादों में छिपी तुम्हारी हर बात जो है।

छुपी रहती हूं दुनिया की नज़रों से
तन्हाई में तुम्हे  महसूस करने की आस जो है।

चुप रह जाती हूं बिना बातों के
खामोशी में तेरे पास होने का अहसास जो है।

सोई रहती हूं आंखें मूंदकर
सिर्फ ख्वाबों में मिलने वाला तेरा साथ जो है। 

मैं तो तुम्हारी तरफ़ खींची जा रही हूं , एक दो कदम तुम भी चल लिया करो न बातें शुरू तो हमेशा मैं ही करती हूं , एक बार हाल चाल तुम भी पूछ लिय...