अपना मानते हैं इसलिए तो ज़ोर डालते हैं
गैरों को तो हमारी दावत ही नसीब नहीं है।
अपना मानते हैं इसलिए तो पीछे पड़ते हैं
गैरों को तो हम पलटके देखते भी नहीं है।
गैरों को तो हमारी दावत ही नसीब नहीं है।
अपना मानते हैं इसलिए तो पीछे पड़ते हैं
गैरों को तो हम पलटके देखते भी नहीं है।
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