Saturday, 4 May 2019

हम उनसे प्यार करते थे और वो हमारी इज्जत
इज्जत ने प्यार की जगह ले ली और प्यार के लिए जगह न बची

हम उनसे मिलना चाहते थे और वो हमारी बात मान लेते थे
कुछ ज़्यादा ही मनवा ली अपनी बात, फिर बुलाने की  हिम्मत न बची

हम उनसे सवाल करते थे और वो हमे जवाब देते थे
सवाल जवाब के सिलसिले में उनके पास कहने को बात न बची

हम उनके पास जाना चाहते थे और वो हमसे दूर
पीछा बहुत कर लिया, अब उन तक पहुंचने की राह ना बची

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