तुम्हे किसी और के साथ देखूं, मुझमें ये हिम्मत नहीं है
तुम्हारे सामने दिल खोलके रख दूं, मुझे ये इजाज़त नहीं है
हमें साथ लाकर भी दूर रखा , खुदा की रहमत नहीं है
नाकाम मोहब्बत को भुला दूं , ये मेरी फितरत नहीं है।
- गोदा रामकुमार
तुम्हारे सामने दिल खोलके रख दूं, मुझे ये इजाज़त नहीं है
हमें साथ लाकर भी दूर रखा , खुदा की रहमत नहीं है
नाकाम मोहब्बत को भुला दूं , ये मेरी फितरत नहीं है।
- गोदा रामकुमार
No comments:
Post a Comment