Monday, 25 March 2019

मोहब्बत

तुम्हे किसी और के साथ देखूं, मुझमें ये हिम्मत नहीं है
तुम्हारे सामने दिल खोलके रख दूं, मुझे ये इजाज़त नहीं है
हमें साथ लाकर भी दूर रखा , खुदा की रहमत नहीं है
नाकाम मोहब्बत को भुला दूं , ये मेरी फितरत नहीं है।
                                             - गोदा रामकुमार

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