मैं भी चुप हूं तू भी चुप है
पर सच बता क्या तुम्हारे दिल में भी वो तड़प है ?
लफ्ज़ जो इज़हार नहीं कर पाते
नज़रें थकथी नहीं पल पल दिल को छूते।
पर सच बता क्या तुम्हे डर नहीं लगता इस रिश्ते को खोते ?
क्या कभी बोल पाएंगे दिल की बात?
कि हमे चाहिए हमेशा तुम्हारा साथ।
पर सच बता क्या तुम मेरे कहने का इंतज़ार नहीं कर रहे दिन रात ?
कभी आंखों में झांकते तो हो जाता तुम्हारे लिए आसान
वो सारी बातें समझना जो हम शायद कभी ना करे बयान।
पर सच बता क्या तुम्हे अब तक नहीं पता की हम करते हैं तुमसे मोहब्बत बेइंतेहा ?
- गोदा रामकुमार
पर सच बता क्या तुम्हारे दिल में भी वो तड़प है ?
लफ्ज़ जो इज़हार नहीं कर पाते
नज़रें थकथी नहीं पल पल दिल को छूते।
पर सच बता क्या तुम्हे डर नहीं लगता इस रिश्ते को खोते ?
क्या कभी बोल पाएंगे दिल की बात?
कि हमे चाहिए हमेशा तुम्हारा साथ।
पर सच बता क्या तुम मेरे कहने का इंतज़ार नहीं कर रहे दिन रात ?
कभी आंखों में झांकते तो हो जाता तुम्हारे लिए आसान
वो सारी बातें समझना जो हम शायद कभी ना करे बयान।
पर सच बता क्या तुम्हे अब तक नहीं पता की हम करते हैं तुमसे मोहब्बत बेइंतेहा ?
- गोदा रामकुमार
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