जब तुम मुझसे रूठते हो तो लगता है कुदरत सांस लेना भूल गई है
जब तुम मान जाते हो तो लगता है जन्नत की एक खिड़की खुल गई है
खुदा से कुछ और क्यों मांगे , तुम्हारे साथ ज़िन्दगी जो मिल गई है
जब तुम मान जाते हो तो लगता है जन्नत की एक खिड़की खुल गई है
खुदा से कुछ और क्यों मांगे , तुम्हारे साथ ज़िन्दगी जो मिल गई है
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